Blogs

रुपहले परदे पर उतरी एक खूबसूरत कहानी!

Posted February 07, 2013 @ 14:16 pm
by Abhinav Chandel

सलमान रुश्दी की किताब 'मिडनाइट'स चिल्ड्रेन' हमेशा से ही विवादों से घिरी रही है, पर इस बात पर कोई शक नहीं की यह एक बेहद खूबसूरत कहानी भी है।

रुपहले परदे पर उतरी एक खूबसूरत कहानी!

और दीपा मेहता ने अपने व्ययशील अंदाज़ में इस कहानी को जान दी अपनी इसी नाम की फिल्म में। यूँ तो किताबों की उन किताबों पर आधारित फिल्मों से तुलना करना बेमानी है, पर दीपा मेहता की फिल्म उतनी ही शानदार और उतने ही सटीकता से उनकी निर्देशन कला का प्रमाण देती है।

फिल्म में अनगिनत भावनाएं कूट कूट कर भरी हुई हैं, और साथ ही दीपा मेहता ने रुश्दी की किताब को जीवित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। उनकी ये फिल्म कहानी को एक तिलिस्मी दुनिया का रूप देती है, और परदे पर उतरी इस दुनिया का जादू आपको ये फिल्म एक बार फिर देखने पर मजबूर करेगा।

ये फिल्म न केवल दीपा मेहता की सबसे महत्वाकांक्षी और सबसे महंगी फिल्म है, बल्कि सलमान रुश्दी की भी फिल्म लेखक के रूप में नयी शुरुआत है। दोनों की जोड़ी ने बेहतरीन नमूना पेश किया है, पर सलमान रुश्दी की किताबी पद्धति से फिल्म की सहजता में हलकी सी रुकावट आती है।

कहानी 1947 से शुरू होती है, जब सलीम(सत्य भाभा) और शिव(सिद्धार्थ) का जन्म 15 अगस्त की रात 12 बजे हुआ था। कहानी उन बच्चों के बारे में बताती है, जो सलीम की तरह ही रात 12 बजे पैदा हुए थे, और उनके अन्दर सलीम की तरह ही एक ख़ास शक्ति है। हालाँकि ये शक्ति एक सामाजिक दबाव के साथ आती है। साथ ही साथ, मिडनाइट को पैदा हुए इन बच्चों के अन्दर उस वक़्त दोनों देशों के लिए एक उम्मीद की किरण भी बसर करती है, जिस वक़्त ओझल होती उम्मीद और संघर्ष का अन्धकार चारों ओर फैला हुआ है।

कहानी के हर किरदार की भूमिका परदे पर एक खूबसूरत ढंग से निभाई गयी और साथ ही साथ फिल्म ज़बरदस्त अभिनय से भी भरपूर है। जहाँ रोनित रॉय अहमद सिनाई की भूमिका में दर्शकों को लुभा गए, वहीं राहुल बोस ने भी जनरल जुल्फिकार के किरदार में जान डाल फूंक दी। सिद्धार्थ एक क्रूर शिवा के रूप में अव्वल रहे, वहीं सत्य भाभा सलीम की भूमिका में हल्का सा चूके। अभिनय के मामले में अनीता मजुमदार और सीमा बिस्वास जैसे मंझे हुए कलाकारों की भी दाद देनी होगी।

कुल मिला कर, दीपा मेहता द्वारा निर्देशित मिडनाइट'स चिल्ड्रेन एक अपने ही किस्म की लाजवाब फिल्म है। इसमें जिस तरह से एक किताब को परदे पर जीवित किया गया है, वह अपने आप में ही तारीफ के काबिल है।

रेटिंग: 4/5

1584 views

Share:

Your reaction? 4 votes

1

0

1

2

0

Tags: Deepa Mehta , Exclusive , hindi , hollywood , latest , movies , new , omg , Review , Salman Rushdie , wow , like

Previous: 'Oculus' - well-crafted, intriguing

SHOUT-OUTS